कृष्ण कहते हैं — लोग तुम्हारी अमिट अपकीर्ति बताते रहेंगे। और जिसका सम्मान होता है, उसके लिए अपयश मृत्यु से भी बड़ा दुःख होता है। यह बात कड़वी लगती है लेकिन जीवन की सच्चाई है।
एक महान योद्धा के लिए यश और कीर्ति उसकी पहचान है। जैसे एक किसान की पहचान उसकी मेहनत और फ़सल से है — यदि वह मेहनत छोड़ दे, तो उसकी पहचान भी जाती है। अर्जुन के लिए उनकी वीरता ही उनकी पहचान थी।