पाँचवाँ अष्टविनायक

चिंतामणी

मुला-मुठा नदियों के संगम पर विराजे, मनोकामनाओं के साक्षी गणेश
📍 थेऊर, पुणे ज़िला, महाराष्ट्र
स्थान
थेऊर, हवेली तालुका, पुणे ज़िला, महाराष्ट्र
नदी
मुला और मुठा नदियों का संगम
क्रम
अष्टविनायक यात्रा में पाँचवाँ पड़ाव
📖 गणेश पुराण, मुद्गल पुराण

गणेश पुराण के अनुसार ब्रह्मदेव ने एक बार ऋषि कपिल को एक अमूल्य रत्न दिया था। उस रत्न का नाम था चिंतामणि — जो इच्छाओं का जागरण करने वाला माना जाता था। ऋषि कपिल उस रत्न की रक्षा बड़ी श्रद्धा से करते थे।

गणेश पुराण में आगे बताया गया है कि गण नाम के एक असुर की नज़र उस रत्न पर पड़ी। उस असुर ने ऋषि के आश्रम पर आक्रमण कर चिंतामणि रत्न छीन लिया। ऋषि कपिल बहुत व्यथित हुए और उन्होंने गणेश की आराधना की।

गणेश पुराण के अनुसार भगवान गणेश ने उस असुर से युद्ध किया और उसे परास्त किया। रत्न वापस ऋषि कपिल को मिल गया। ऋषि कपिल ने कृतज्ञता में वह चिंतामणि रत्न स्वयं गणेश के गले में धारण करा दिया। तभी से इस स्थान के गणेश चिंतामणि कहलाए।

परंपरा में कहा गया है कि यह स्थान मुला और मुठा नदियों के संगम पर बसा है। भक्त यहाँ दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं और संगम तट पर भी पूजन करते हैं।

गणेश पुराण के अनुसार ऋषि कपिल ने कृतज्ञता में चिंतामणि रत्न स्वयं गणेश के गले में पहनाया — तभी से यहाँ के गणेश चिंतामणि कहलाए।

थेऊर का चिंतामणि मंदिर पुणे से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर मुला और मुठा नदियों के संगम पर स्थित है। यह अष्टविनायक यात्रा का पाँचवाँ पड़ाव माना जाता रहा है। नदियों के संगम का वातावरण इस स्थान को शांत और हरा-भरा बनाता है।

परंपरा के अनुसार भक्त यहाँ माघ चतुर्थी और गणेश चतुर्थी पर विशेष रूप से आते हैं। मंदिर के आसपास बड़े पीपल और बरगद के पेड़ हैं। संगम तट पर बैठकर भक्त जल-पूजन भी करते हैं।

पुणे से दूरी
लगभग 25 किलोमीटर, हवेली तालुका में
नदी संगम
मुला और मुठा नदियाँ यहाँ मिलकर आगे बहती हैं
मंदिर की विशेषता
गणेश की प्रतिमा पूर्वाभिमुख है, पत्थर से निर्मित
विशेष
अष्टविनायक में यह एकमात्र मंदिर है जो दो नदियों के संगम पर स्थित है
✈️
हवाई मार्ग
पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लगभग 30 किलोमीटर दूर है। वहाँ से टैक्सी या बस उपलब्ध है।
🚂
रेल मार्ग
पुणे रेलवे स्टेशन निकटतम बड़ा स्टेशन है। वहाँ से थेऊर के लिए बस या टैक्सी मिलती है।
🚗
सड़क मार्ग
पुणे से थेऊर लगभग 25 किलोमीटर है। पुणे-सोलापुर मार्ग से होते हुए थेऊर पहुँचा जा सकता है।
🌊
विशेष
थेऊर, खेड और अन्य अष्टविनायक स्थलों को मिलाकर यात्री पुणे से एक या दो दिन की यात्रा में जाते हैं।
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