सरोवर तीर्थ

पुष्कर

ब्रह्मा से जुड़ा प्राचीन सरोवर तीर्थ
📍 पुष्कर सरोवर, अजमेर, राजस्थान
स्थान
अजमेर ज़िला, राजस्थान
देवता
ब्रह्मा
विशेष
ब्रह्मा को समर्पित दुर्लभ मंदिरों में से एक
📖 पद्म पुराण का पुष्कर माहात्म्य

पद्म पुराण के पुष्कर माहात्म्य में इस सरोवर का विस्तृत वर्णन मिलता है। पुराण के अनुसार पुष्कर सरोवर ब्रह्मा से जुड़ा हुआ माना जाता रहा है।

महाभारत में भी पुष्कर का उल्लेख तीर्थ के रूप में आता है। यह उन प्राचीन तीर्थों में से एक है जिनका वर्णन कई पुराण ग्रंथों में मिलता है।

सरोवर के चारों ओर बावन घाट हैं। प्रत्येक घाट का अपना नाम और परंपरा है। ब्रह्मा का मुख्य मंदिर सरोवर के तट पर स्थित है।

पद्म पुराण के पुष्कर माहात्म्य में इस सरोवर को ब्रह्मा से जुड़े तीर्थ के रूप में वर्णित किया गया है।

पुष्कर भारत के उन दुर्लभ तीर्थों में से एक है जहाँ ब्रह्मा का मुख्य मंदिर स्थित है। ब्रह्मा को समर्पित मंदिर भारत में बहुत कम हैं, इसलिए यह स्थान विशेष माना जाता रहा है।

ब्रह्मा मंदिर का शिखर अपने विशिष्ट लाल रंग के लिए जाना जाता है। मंदिर के अंदर संगमरमर का फर्श है। सरोवर के चारों ओर पहाड़ियाँ और शांत वातावरण इसे एक विशेष अनुभव देते हैं।

स्थान
पुष्कर सरोवर के तट पर
घाट
बावन (52) घाट सरोवर के चारों ओर
मंदिर
ब्रह्मा का मुख्य मंदिर — लाल शिखर
विशेष
ब्रह्मा को समर्पित दुर्लभ मंदिरों में से एक
✈️
हवाई मार्ग
जयपुर हवाई अड्डा लगभग 150 किलोमीटर दूर है। किशनगढ़ हवाई अड्डा अजमेर के पास भी है।
🚂
रेल मार्ग
अजमेर रेलवे स्टेशन पुष्कर से लगभग 14 किलोमीटर दूर है। यहाँ से नियमित बसें और टैक्सियाँ चलती हैं।
🚗
सड़क मार्ग
जयपुर से लगभग 150 किलोमीटर। राजस्थान राज्य की बसें नियमित चलती हैं।
🛕
विशेष
अजमेर से पुष्कर का रास्ता पहाड़ों से होकर गुज़रता है — लगभग 30 मिनट का सफ़र।