सप्त पुरी

मथुरा

यमुना तट पर स्थित श्रीकृष्ण की जन्म नगरी
📍 यमुना नदी तट, उत्तर प्रदेश
स्थान
यमुना नदी तट, मथुरा ज़िला
नदी
यमुना
मुख्य देवता
श्री कृष्ण
📖 भागवत पुराण — दशम स्कंध

भागवत पुराण के दशम स्कंध में बताया गया है कि मथुरा नगरी यदुवंशी राजाओं की राजधानी थी। यहाँ के राजा कंस ने अपनी बहन देवकी और उनके पति वसुदेव को कारागार में रखा था। कंस को एक भविष्यवाणी का भय था।

उस भविष्यवाणी में कहा गया था कि देवकी का आठवाँ पुत्र कंस का अंत करेगा। कंस ने इसी डर के कारण देवकी और वसुदेव को बंदी बनाए रखा।

भागवत पुराण के अनुसार, भाद्रपद माह की कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि को कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। उस रात घनघोर वर्षा हो रही थी और यमुना नदी में बाढ़ आई हुई थी। वसुदेव शिशु कृष्ण को टोकरी में रखकर यमुना पार कर गोकुल पहुँचे।

यमुना ने मार्ग दिया और वसुदेव नवजात शिशु को सुरक्षित गोकुल पहुँचाने में सफल रहे। यह जन्म-कथा भागवत पुराण में विस्तार से वर्णित है।

भागवत पुराण के दशम स्कंध में मथुरा को श्रीकृष्ण की जन्म नगरी के रूप में वर्णित किया गया है।

विष्णु पुराण में मथुरा को सप्त पुरियों में से एक माना गया है। ये सात नगरियाँ — अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, अवंतिका और द्वारका — परंपरा में विशेष तीर्थ नगरियाँ मानी जाती रही हैं। मथुरा का उल्लेख महाभारत में भी यदुवंशियों की राजधानी के रूप में आता है।

यमुना नदी के किनारे बसी यह नगरी सदियों से भक्त-यात्रियों का केंद्र रही है। यहाँ से लगभग दस किलोमीटर की दूरी पर वृन्दावन है, जहाँ श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन भागवत पुराण में मिलता है। दोनों नगरियाँ मिलकर इस क्षेत्र को ब्रज भूमि कहा जाता है।

सप्त पुरी में स्थान
विष्णु पुराण के अनुसार सात मोक्षदायिनी नगरियों में से एक
पौराणिक उल्लेख
भागवत पुराण दशम स्कंध, विष्णु पुराण, महाभारत
मुख्य नदी
यमुना — नगरी के पश्चिम की ओर बहती है
निकटतम तीर्थ
वृन्दावन — लगभग 10 किलोमीटर
✈️
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा आगरा लगभग 55 किलोमीटर दूर है। दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लगभग 150 किलोमीटर पर पड़ता है।
🚂
रेल मार्ग
मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन नगरी के मध्य में है। दिल्ली, आगरा और मुंबई से सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं।
🚗
सड़क मार्ग
दिल्ली से लगभग 150 किलोमीटर, राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH44) पर। आगरा से लगभग 55 किलोमीटर। नियमित बस सेवाएँ उपलब्ध हैं।
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विशेष
मथुरा से वृन्दावन लगभग 10 किलोमीटर दूर है। दोनों नगरियों के बीच नियमित बस और टेम्पो सेवा चलती है।