उनतालीसवाँ शक्तिपीठ

रामगिरि (चित्रकूट)

जहाँ सती का दक्षिण स्तन गिरा — चित्रकूट का शिवानी पीठ
📍 चित्रकूट, मध्य प्रदेश / उत्तर प्रदेश, भारत
सती का अंग
दक्षिण स्तन (दायाँ वक्ष)
शक्ति
शिवानी
भैरव
चण्ड
📖 देवी भागवत पुराण, सप्तम स्कन्ध

देवी भागवत पुराण के सप्तम स्कंध में बताया गया है कि जब माता सती ने दक्ष यज्ञ में अपने प्राण त्यागे, तब भगवान शिव उनके शव को लेकर विलाप करते हुए भटकने लगे। सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को विभक्त किया। जहाँ-जहाँ सती के अंग गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए।

परंपरा में कहा गया है कि इस स्थान पर सती का दक्षिण स्तन गिरा। यहाँ शक्ति शिवानी के रूप में और शिव चण्ड भैरव के रूप में विराजित माने जाते हैं। पीठनिर्णय तंत्र में इस स्थान को इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना गया है।

देवी भागवत पुराण के अनुसार यहाँ सती का दक्षिण स्तन गिरा — यहाँ शक्ति शिवानी और भैरव चण्ड विराजित हैं।

रामगिरि (चित्रकूट) शक्तिपीठ चित्रकूट, मध्य प्रदेश / उत्तर प्रदेश, भारत में स्थित है। परंपरा में इसे इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना जाता रहा है। यहाँ शक्ति शिवानी के रूप में पूजित हैं और भैरव का रूप चण्ड माना गया है।

भक्त दूर-दूर से यहाँ माता के दर्शन के लिए आते हैं। नवरात्रि और अन्य देवी पर्वों पर यहाँ विशेष भीड़ देखी जाती है।

स्थान
चित्रकूट, मध्य प्रदेश / उत्तर प्रदेश, भारत
सती का अंग
दक्षिण स्तन (दायाँ वक्ष)
शक्ति
शिवानी
भैरव
चण्ड
✈️
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डे से चित्रकूट पहुँचा जा सकता है।
🚂
रेल मार्ग
निकटतम रेलवे स्टेशन से चित्रकूट सड़क मार्ग से जुड़ा है।
🚗
सड़क मार्ग
चित्रकूट सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है। स्थानीय बस और टैक्सी उपलब्ध रहती हैं।
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