दसवाँ शक्तिपीठ

प्रभास

जहाँ सती का उदर गिरा — सोमनाथ के निकट प्रभास क्षेत्र
📍 प्रभास पाटण (सोमनाथ निकट), गुजरात, भारत
सती का अंग
उदर (पेट)
शक्ति
चन्द्रभागा
भैरव
वक्रतुण्ड
📖 देवी भागवत पुराण, सप्तम स्कन्ध

देवी भागवत पुराण के सप्तम स्कंध में बताया गया है कि जब माता सती ने दक्ष यज्ञ में अपने प्राण त्यागे, तब भगवान शिव उनके शव को लेकर विलाप करते हुए भटकने लगे। सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को विभक्त किया। जहाँ-जहाँ सती के अंग गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए।

परंपरा में कहा गया है कि इस स्थान पर सती का उदर गिरा। यहाँ शक्ति चन्द्रभागा के रूप में और शिव वक्रतुण्ड भैरव के रूप में विराजित माने जाते हैं। पीठनिर्णय तंत्र में इस स्थान को इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना गया है।

देवी भागवत पुराण के अनुसार यहाँ सती का उदर गिरा — यहाँ शक्ति चन्द्रभागा और भैरव वक्रतुण्ड विराजित हैं।

प्रभास शक्तिपीठ प्रभास पाटण (सोमनाथ निकट), गुजरात, भारत में स्थित है। परंपरा में इसे इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना जाता रहा है। यहाँ शक्ति चन्द्रभागा के रूप में पूजित हैं और भैरव का रूप वक्रतुण्ड माना गया है।

भक्त दूर-दूर से यहाँ माता के दर्शन के लिए आते हैं। नवरात्रि और अन्य देवी पर्वों पर यहाँ विशेष भीड़ देखी जाती है।

स्थान
प्रभास पाटण (सोमनाथ निकट), गुजरात, भारत
सती का अंग
उदर (पेट)
शक्ति
चन्द्रभागा
भैरव
वक्रतुण्ड
✈️
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डे से प्रभास पाटण (सोमनाथ निकट) पहुँचा जा सकता है।
🚂
रेल मार्ग
निकटतम रेलवे स्टेशन से प्रभास पाटण (सोमनाथ निकट) सड़क मार्ग से जुड़ा है।
🚗
सड़क मार्ग
प्रभास पाटण (सोमनाथ निकट) सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है। स्थानीय बस और टैक्सी उपलब्ध रहती हैं।
← विरजाक्षेत्र 10 / 51 भैरव पर्वत →