उन्नीसवाँ शक्तिपीठ

कालमाधव

जहाँ सती का वाम नितम्ब गिरा — अमरकण्टक का शक्तिपीठ
📍 कालमाधव, अमरकण्टक, मध्य प्रदेश, भारत
सती का अंग
वाम नितम्ब (बायाँ नितम्ब)
शक्ति
काली
भैरव
असितांग
📖 देवी भागवत पुराण, सप्तम स्कन्ध

देवी भागवत पुराण के सप्तम स्कंध में बताया गया है कि जब माता सती ने दक्ष यज्ञ में अपने प्राण त्यागे, तब भगवान शिव उनके शव को लेकर विलाप करते हुए भटकने लगे। सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को विभक्त किया। जहाँ-जहाँ सती के अंग गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए।

परंपरा में कहा गया है कि इस स्थान पर सती का वाम नितम्ब गिरा। यहाँ शक्ति काली के रूप में और शिव असितांग भैरव के रूप में विराजित माने जाते हैं। पीठनिर्णय तंत्र में इस स्थान को इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना गया है।

देवी भागवत पुराण के अनुसार यहाँ सती का वाम नितम्ब गिरा — यहाँ शक्ति काली और भैरव असितांग विराजित हैं।

कालमाधव शक्तिपीठ कालमाधव, अमरकण्टक, मध्य प्रदेश, भारत में स्थित है। परंपरा में इसे इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना जाता रहा है। यहाँ शक्ति काली के रूप में पूजित हैं और भैरव का रूप असितांग माना गया है।

भक्त दूर-दूर से यहाँ माता के दर्शन के लिए आते हैं। नवरात्रि और अन्य देवी पर्वों पर यहाँ विशेष भीड़ देखी जाती है।

स्थान
कालमाधव, अमरकण्टक, मध्य प्रदेश, भारत
सती का अंग
वाम नितम्ब (बायाँ नितम्ब)
शक्ति
काली
भैरव
असितांग
✈️
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डे से कालमाधव पहुँचा जा सकता है।
🚂
रेल मार्ग
निकटतम रेलवे स्टेशन से कालमाधव सड़क मार्ग से जुड़ा है।
🚗
सड़क मार्ग
कालमाधव सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है। स्थानीय बस और टैक्सी उपलब्ध रहती हैं।
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