छठा शक्तिपीठ

जालन्धर

जहाँ सती का वाम स्तन गिरा — पंजाब का देवी तालाब
📍 जालन्धर, पंजाब, भारत
सती का अंग
वाम स्तन (बायाँ वक्ष)
शक्ति
त्रिपुरमालिनी
भैरव
भीषण
📖 देवी भागवत पुराण, सप्तम स्कन्ध

देवी भागवत पुराण के सप्तम स्कंध में बताया गया है कि जब माता सती ने दक्ष यज्ञ में अपने प्राण त्यागे, तब भगवान शिव उनके शव को लेकर विलाप करते हुए भटकने लगे। सृष्टि की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को विभक्त किया। जहाँ-जहाँ सती के अंग गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए।

परंपरा में कहा गया है कि इस स्थान पर सती का वाम स्तन गिरा। यहाँ शक्ति त्रिपुरमालिनी के रूप में और शिव भीषण भैरव के रूप में विराजित माने जाते हैं। पीठनिर्णय तंत्र में इस स्थान को इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना गया है।

देवी भागवत पुराण के अनुसार यहाँ सती का वाम स्तन गिरा — यहाँ शक्ति त्रिपुरमालिनी और भैरव भीषण विराजित हैं।

जालन्धर शक्तिपीठ जालन्धर, पंजाब, भारत में स्थित है। परंपरा में इसे इक्यावन शक्तिपीठों में से एक माना जाता रहा है। यहाँ शक्ति त्रिपुरमालिनी के रूप में पूजित हैं और भैरव का रूप भीषण माना गया है।

भक्त दूर-दूर से यहाँ माता के दर्शन के लिए आते हैं। नवरात्रि और अन्य देवी पर्वों पर यहाँ विशेष भीड़ देखी जाती है।

स्थान
जालन्धर, पंजाब, भारत
सती का अंग
वाम स्तन (बायाँ वक्ष)
शक्ति
त्रिपुरमालिनी
भैरव
भीषण
✈️
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डे से जालन्धर पहुँचा जा सकता है।
🚂
रेल मार्ग
निकटतम रेलवे स्टेशन से जालन्धर सड़क मार्ग से जुड़ा है।
🚗
सड़क मार्ग
जालन्धर सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा है। स्थानीय बस और टैक्सी उपलब्ध रहती हैं।
← ज्वालामुखी 6 / 51 गुह्येश्वरी →