तीसरा अष्टविनायक

बल्लाळेश्वर

भक्त बल्लाल के प्रेम से प्रकट हुए गणेश — एकमात्र अष्टविनायक जो भक्त के नाम से जाने जाते हैं
📍 पाली, रायगड ज़िला, महाराष्ट्र
स्थान
पाली, रायगड ज़िला, महाराष्ट्र
पर्वत
सह्याद्रि पर्वतमाला के मध्य
विशेष
अष्टविनायक में एकमात्र मंदिर जो किसी भक्त के नाम पर है
📖 गणेश पुराण

गणेश पुराण के अनुसार पाली गाँव में बल्लाल नाम का एक बच्चा रहता था। वह बड़ा भक्त था। वह अपने साथियों को भी गणेश जी की उपासना करना सिखाता था। घर-घर से पत्थर इकट्ठे करके वे गणेश जी की मूर्ति बनाते और पूजा करते।

गणेश पुराण में बताया गया है कि बल्लाल के पिता और गाँव के कुछ लोग इस बात से नाराज़ थे। उन्होंने बल्लाल को बहुत कष्ट दिया। पर बल्लाल ने गणेश जी की उपासना नहीं छोड़ी। वह जंगल में जाकर भी पूजा करता रहा।

गणेश पुराण के अनुसार बल्लाल की पुकार सुनकर गणेश जी वृद्ध ब्राह्मण के रूप में प्रकट हुए। उन्होंने बल्लाल को अपनी भक्ति के लिए आशीर्वाद दिया। फिर अपने असली रूप में प्रकट होकर उन्होंने कहा — 'तुम्हारे नाम से मैं यहाँ बल्लाळेश्वर के रूप में विराजूँगा।'

ऐसी मान्यता रही है कि अष्टविनायक के आठ मंदिरों में यही एकमात्र मंदिर है जो किसी भक्त के नाम पर बना है। बाकी सातों मंदिरों में गणेश जी के अपने नाम हैं, पर यहाँ वे भक्त के प्रेम के नाम पर जाने जाते हैं।

गणेश पुराण के अनुसार बल्लाल की अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर गणेश जी ने उसके नाम से यहाँ विराजने का वरदान दिया।

पाली का बल्लाळेश्वर मंदिर सह्याद्रि की पहाड़ियों के बीच बसा है। यह स्थान इसलिए विशेष माना जाता रहा है क्योंकि यहाँ गणेश जी किसी दैत्य का अंत करने के बाद नहीं, बल्कि एक बच्चे की श्रद्धा के कारण प्रकट हुए। परंपरा में यह भक्ति की शक्ति का प्रतीक माना जाता रहा है।

मंदिर के पास एक कुंड है जहाँ भक्त स्नान करते हैं। माघ चतुर्थी और गणेश चतुर्थी के समय यहाँ विशेष उत्सव होता है। भक्त दूर-दूर से यहाँ आते हैं, विशेष रूप से वे जो अपने बच्चों के लिए आशीर्वाद माँगने आते हैं।

ज़िला
रायगड, महाराष्ट्र
पर्वत
सह्याद्रि पर्वतमाला के बीच
यात्रा क्रम
अष्टविनायक में तीसरा स्थान
विशेष
अष्टविनायक में एकमात्र गणेश मंदिर जो किसी भक्त — बल्लाल — के नाम पर है
✈️
हवाई मार्ग
निकटतम हवाई अड्डा पुणे है, जो पाली से लगभग 100 किलोमीटर दूर है। मुंबई हवाई अड्डे से भी पहुँचा जा सकता है — वहाँ से पाली लगभग 120 किलोमीटर है।
🚂
रेल मार्ग
खोपोली रेलवे स्टेशन निकटतम है। मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर खोपोली उतरकर वहाँ से सड़क मार्ग से लगभग 20 किलोमीटर पर पाली है।
🚗
सड़क मार्ग
पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खोपोली से पाली का रास्ता जाता है। पुणे से पाली लगभग 100 किलोमीटर और मुंबई से लगभग 110 किलोमीटर है।
🗺️
विशेष
पाली सह्याद्रि की हरी-भरी पहाड़ियों के बीच है। बरसात के मौसम में यहाँ का दृश्य बहुत सुंदर होता है।
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